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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को विधानसभा में मानसखण्ड कॉरिडोर के संबंध में बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों को प्रदेश के अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में भी हर दृष्टि से भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृतिक संपदाओं वाला राज्य है, अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कुमाऊं मानसखण्ड सर्किट में जो भी मन्दिर लिये जा रहे हैं, उनको सुव्यवस्थित तरीके से बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से जोड़ा जाय। गोल्ज्यू सर्किट को विकसित करने के लिए सुनियोजित प्लान बनाया जाए। 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रत्येक विभाग द्वारा क्या कार्ययोजना बनाई जा रही है, विभागों से जल्द उनकी कार्ययोजना मांगी जाय। *कुमाऊं को गढ़वाल से जोड़ने वाले मोटर मार्गों के चौड़ीकरण, कुमाऊं के धार्मिक स्थलों को सम्पर्क मार्ग से जोड़े जाने, कालाढुंगी- नैनीताल मोटर मार्ग के चौड़ीकरण, मानसखण्ड कॉरिडोर एवं भारतमाला की तर्ज पर पर्वतमाला परियोजना के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।*
*बैठक में काशीपुर-रामनगर – मोहान- बुआखाल तक के कुल 274.00 किमी0 भाग में 02 लेन वाले भाग को 04 लेन, 1.5 लेन एवं 01 लेन के भाग को 02 लेन में परिवर्तित किये जाने का निर्णय लिया गया। इस प्रस्तावित निर्माण से यात्रा समय में 01 घण्टे की बचत होगी। प्रस्तावित निर्माण हेतु प्रस्ताव सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार को भेजा जायेगा। इसके अतिरिक्त जोलीकोट- भवाली खैरना क्वारब-अल्मोड़ा रानीखेत – द्वाराहाट – चौकुटिया – पाण्डवाखाल- गैरसैंण-कर्णप्रयाग मार्ग के 02 लेन में चौड़ीकरण, कैंची बाईपास मार्ग, खैरना लैंड स्लाईड जोन को बाईपास किये जाने, गोलज्यू देवता के जन्म स्थान एवं गोलज्यू देवता के अन्य मंदिरों को आपस में जोड़े जाने हेतु मार्ग सर्किट का निर्माण, कुमाऊं के मंदिरों को सम्पर्क मार्ग से जोड़े जाने अथवा सम्पर्क मार्ग के सुदृढ़ीकरण एवं पक्कीकरण हेतु समस्त मंदिरों को उनके महत्व तथा मान्यता के अनुसार वर्गीकरण कर चरणबद्ध रूप से निर्माण, सुदृढीकरण किये जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।*
*इसके साथ ही बैठक में पर्यटन विभाग द्वारा रोपवे निर्माण, एन०एच०ए०आई० द्वारा देहरादून से टिहरी तक टनल निर्माण के सम्बन्ध में की जा रही कार्यवाहियों को गति दिये जाने एवं सड़क मार्गों के ऐसे स्थानों जिनमें मोबाईल नेटवर्क सुचारू रूप से काम नहीं करता है, में नेटवर्क कनेक्टिविटी सुधारने के निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये।*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य का राजस्व बढ़ाने के लिए इनोवेटिव प्रयासों की जरूरत है। पर्यटन के क्षेत्र में राज्य में अनेक संभावनाएं हैं। पर्यटन स्थलों एवं धार्मिक स्थलों के लिए रोपवे, सड़क एवं अन्य अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए जो स्वीकृतियां हो चुकी हैं, उन कार्यों में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक एवं आध्यात्मिक राज्य होने के साथ ही उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य भी पर्यटकों को आकर्षित करता है। राज्य में साहसिक खेलों के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं, इस दिशा में भी विशेष ध्यान दिया जाय। राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को राज्य में उद्योगों की स्थापना के लिए हर संभव सहायता देने के प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक सुदृढ़ नेटवर्क कनेक्टिविटी हो, इसके लिए सर्विस प्रोवाइडरों के साथ बैठक की जाय और उचित समाधान निकाला जाय।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर. के सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव श्री अभिनव कुमार, सचिव श्री दिलीप जावलकर, अपर सचिव श्री सी. रविशंकर, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग श्री अयाज अहमद, लोक निर्माण विभाग एवं पर्यटन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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By amit

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*उत्तराखण्ड में एसआईआर के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन* अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता शामिल नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चलेगा विशेष अभियान 8 जून से उत्तराखण्ड में हुई थी एसआईआर की शुरुआत 14 जुलाई को किया गया था ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान संपादित किया गया। उत्तराखण्ड में इस 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत हुई जिसके बाद 14 जुलाई 2026 को प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरु होने के दिन दिनांक 8 जून 2026 को प्रदेश में 7960762 मतदाता शामिल थे। गणना फार्म वितरण एवं संकलन के बाद प्रदेश में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया जिसमें 7133785 मतदाता मतदाता सूची में शामिल हुए। आयोग द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 14 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 से 28 सितंबर 2026 तक प्रदेश में दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार, 03 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया जिसमें 7158949 मतदाता सूची में शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदेय स्थलों की संख्या 12543 है। अंतिम मतदाता सूची में शामिल 7158949 मतदाताओं में (3421036 महिला, 3737701 पुरुष, 212 थर्ड जेंडर मतदाता) शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग में 72656 मतदाता, एवं 80 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 122892 मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दावे आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में कुल 129872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं जबकि 104708 मतदाताओं को नियमानुसार सूची से विलोपित किया गया है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाईट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ऐसे व्यक्ति जो किन्ही कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं वे सभी फार्म 6 भरकर ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन एवं अपने बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन मोड में भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर जानकारी लेने का निर्देश दिया गया है। 1- बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले की सूची से मिलान करेंगे। वे ऐसे वोटरों की पहचान करेंगे जिनके नाम एसआईआर से पहले की सूची में शामिल थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, और ऐसे वोटरों की एक लिस्ट तैयार करेंगे। 2- बीएलओ चिन्हित मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जो लोग योग्य पाए जाएंगे, उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए फॉर्म 6 भरवाने में मदद करेंगे। 3- बीएलओ घर-घर जाने के दौरान यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जो मतदाता छूट गए हैं, पहली बार मतदान देने वाले हैं या युवा मतदाता हैं, उनके लिए फॉर्म 6 भरा जाए। 4- बीएलओ इस सूची को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स के साथ साझा करेंगे। 5- इस प्रक्रिया के आखिर चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा करेंगे, ताकि उन्हें छूटे हुए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर मिल सके। 6- इसके साथ ही, मतदाता सूची में नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन जमा करने में आसानी हो इसके लिए बूथ लेवल कैंप भी लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के नाम सूची में शामिल करने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगें