*Ats कॉलोनी में फिर दिखी बिल्डर की दबंगई, कॉलोनी अध्यक्ष से की मारपीट*
*कॉलोनी के लोगों ने डीजीपी से मुलाकात कर दोषी पर कार्रवाई की उठाई मांग*
*नगर निगम की जमीन कब्जाने से लेकर mdda से गलत तरह से नक्शा पास कराने के हैं आरोप, आज तक नहीं हुई कार्रवाई*
देहरादून की ats कॉलोनी में बीती देर रात फिर दिखा दबंग बिल्डर का खौफ देखने को मिला।
बताया गया कि कॉलोनी के अध्यक्ष श्री अजय सिंह बीती रात लगभग 11 बजे घर लौटे। आरोप है कि तभी वहां पहले से ताक में बैठे पुनीत अग्रवाल ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर अध्यक्ष पर जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान वह उनके खिलाफ अभद्र शब्दों का भी इस्तेमाल करता दिखा। जब कॉलोनी वालों ने मारपीटाई होते देखी तो वीडियो बनाया। हालांकि, पुनीत चूंकि अपने पास हथियार रखता है तो उसके डर से लोग बीच बचाव को नहीं आ पाए। देर रात स्थानीय लोगों ने 112 पर भी सूचना दी। बताया गया कि पुलिस आरोपी पर कार्रवाई के बजाय अध्यक्ष वी कॉलोनीवालों को ही धमकाने लगी। इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध बनी हुई है। मारपीट की इस घटना में अध्यक्ष की कार को भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया गया। मामले में कॉलोनी के लोगों ने आज दोपहर में डीजीपी दीपम सेठ से मुलाकात कर पुनीत अग्रवाल की गिरफ्तारी की मांग की।
*पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल*
इस मामले में शुरू से पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही। बीती रात भी पुलिस को फोन किया गया। लेकिन मौके पर आए दरोगा ने दोषी पर कार्रवाई के बजाय कॉलोनीवालों को गिरफ्तारी की धमकी दी।
*बच्चों पर तानी थी पिस्टल, लाइसेंस हुआ था सस्पेंड*
आपको बता दें कि आरोपी बिल्डर ने दिवाली के दौरान भी कॉलोनी के बच्चों पर सिर्फ इस वजह से पिस्टल तान दी थी कि बच्चे कॉलोनी के पार्क के बाहर पटाखे जला रहे थे। इस मामले का जिलाधिकारी ने संज्ञान लेकर पुनीत के हथियार का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया था।
*नगर निगम ने कब्जामुक्त कराई थी भूमि*
वहीं, आरोपी पूर्व में यहां पर नगर निगम की जमीन भी कब्जाने का प्रयास कर चुका है। कॉलोनीवासियों के घोर एतराज के बाद मामले में नगर निगम की टीम ने कई दिनों की मशक्कत के बाद मौके पर अपनी जमीन को कब्जामुक्त कराया था। तब भी उक्त द्वारा टीम को डराने धमकाने का प्रयास किया गया।
*Mdda ने अब तक नक्शा नहीं किया निरस्त*
आरोपी द्वारा द्वारा कॉलोनी में तथ्यों को छुपाकर mdda से नक्शा पास कराया गया। इस मामले की जांच के लिए mdda vc ने जांच कमेटी बनाई जिसकी रिपोर्ट में स्पष्ट है कि आरोपी ने तथ्यों को छुपाकर सेटबैक में नक्शा पास कराया। हालांकि हैरानी की बात ये कि आज तक mdda ने इस प्रकरण में ठोस निर्णय नहीं लिया है।



