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देहरादून। महिला चिकित्सक से घर पर सचिव की पत्नी द्वारा अभद्रता किये जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। इस मामले में सरकारी चिकित्सको के संघ ने अपनी प्रतिक्रिया दी है तो वहीं, अब कुछ लोग और भी ऐसे सामने आने लगे हैं जो इस तरह से पूर्व में इन्हीं साहब के घर मे प्रताड़ना एवं अभद्रता का शिकार हो चुके हैं। बड़ा सवाल ये की क्या इस प्रकरण में मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री इन बेकाबू अफसरों के खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगे या फिर पूर्व की सरकारों की तरह धामी 2.0 की सरकार नतमस्तक हो जाएगी। यहां यह भी बताना जरूरी है की अभी कुछ दिन पहले ख़ुद कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज नौकरशाही के बेलगाम होने का मामला उठा चुके हैं। त्रिवेंद्र सरकार के कार्यकाल में भी अफसरशाही के बेलगाम होने के किस्से प्रकाश में आते रहे।

वहीं प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डॉ मनोज वर्मा का कहना है कि यह “बेहद गंदी परम्परा है नेताओं/अधिकारियों के घर पर एक गुलाम की तरह जाना, चिकित्सक भी स्वयं से जाना चाहते हैं कि अच्छे संबंध बन जायेंगे। असल में गुलामी, चाटुकारिता और घमण्ड की पराकाष्ठा है ये सब। बिल्कुल बंद होना चाहिये अगर पूरे प्रदेश के चिकित्सक साथ दें तो मैं इस प्रथा को समाप्त करने के लिये हर स्तर पर आवाज उठाना चाहता हूँ। जहां जहां मीडिया में आपके सम्पर्क हैं मुद्दे को उठाये और पुरजोर तरीके से उठायें, इस गुलामी के ख़िलाफ़ आवाज उठायें और डॉ निधि के समर्थन में हर मीडिया में वक्तव्य दें। अपने मन की हर बात मीडिया में बोलें बहुत हुई ये गुलामी, मैं सभी तरह के मीडिया में बयान दे रहा हूँ कि अस्पताल और ड्यूटी छोड़ के इन तथाकथित बड़े लोगों के घर जाकर देखना किस नियम में लिखा है, मेरा अपने अधिकारीयों से भी कहना है, show some spine….. मना करना शुरू कीजिए इस गुलामी के लिये।”

Dr manoj verma

अध्यक्ष, प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ

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By amit

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